आज की ताजा खबर

पांच पेड़ों के परमिट पर 110 पेड़ काटने का आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

top-news

मोहम्मद नईम 

कुशीनगर । पर्यावरण संरक्षण की खातिर सरकार द्वारा जितने भी नियम कानून बनाए जाएं, लेकिन ठीकेदार और पुलिस की गठजोड़ के चलते सभी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। कागज में पांच अदद पेड़ काटने की स्वीकृति और मौके पर 110पेड़ काटने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि मामला सार्वजनिक होने पर विभाग ने 85 बोटा सागौन की लकड़ी बरामद कर खैरटिया पौधशाला पर रखवा दिया है। मामले में कार्रवाई विभाग के आला अधिकारियों के जिम्मे है।

उल्लेखनीय है कि महुअवा निवासी एक व्यक्ति द्वारा वन विभाग से काफी पुराने व परिपक्व 5 पेड़ काटने की स्वीकृति ली गई थी। शुक्रवार को ठीकेदार द्वारा सागौन के 110 पेड़ कटवाने की सूचना वन विभाग को मिली। सूचना पर खड्डा रेंजर अमित तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।


परमिट की मांग पर ठीकेदार द्वारा जो परमिट कागज दिया गया ,कटे पेड़ो की संख्या और विभाग से मिले स्वीकृत पेपर बीच काफी अंतर मिला। रेंजर ने मौके से 85 बोटा सागौन की लकड़ी को बरामद कर खैरटिया पौधशाला पर रखवा दिया।

लोगों का आरोप है कि बिना वनविभाग और पुलिस की मौन स्वीकृति के, परमिट से अधिक संख्या में पेड़ कटवाना संभव नहीं।

सवाल यह है कि यदि परमिट महज पांच पेड़ों का था तो कथित रूप से 110 पेड़ों की कटान कैसे हुई? क्या संबंधित ठेकेदार के पास अतिरिक्त पेड़ों की कटान की कोई वैध अनुमति थी? यदि नहीं, तो इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटान वन विभाग की नजर से कैसे बची।

 अब देखना होगा कि वन विभाग मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है। स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक संख्या और परमिट की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

इस संबंध में रेंजर खड्डा अमित तिवारी ने बताया कि अवैध 85 फोटा सागौन की लकड़ी बरामद कर ली गई है। आगे की कार्रवाई जारी है।



पेपर व डिजिटल मे विज्ञापन हेतु संपर्क करे

संपर्क सूत्र - +91 77549 54126

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *